Post by Vishwa Mohan Kumar
BUSINESS NEWS ANCHOR
SEBI की रिपोर्ट के मुताबिक इक्विटी डेरिवेटिव मार्केट में रिटेल ट्रेडर्स का सालाना नुकसान एक लाख करोड़ रुपए के भी पार निकल चुका है। इसके लिए जिम्मेदार कौन है? रिटेल ट्रेडर खुद या एनालिस्ट्स इसके लिए जिम्मेदार हैं? अगर दुनिया का कोई भी इकोनॉमिस्ट या मार्केट एक्सपर्ट लगातार सिर्फ एक साल तक भी बाजार की दिशा का सटीक अनुमान लगा सके, तो शायद उसे दूसरों को सलाह देने की जरूरत ही न पड़े। वो अपने लिए ट्रेड या निवेश करके बिलेनियर बन सकता है। इसलिए हर ट्रेडर या निवेशक को ये सवाल जरूर सोचना चाहिए कि यदि किसी को शेयर्स की चाल का इतना सटीक अंदाजा है, तो वो खुद उस जानकारी का फायदा उठाकर पैसा क्यों नहीं बना रहा? कई एक्सपर्ट्स सालों तक मंदी की भविष्यवाणी करते रहते हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां किसी विशेषज्ञ ने लगातार 2-3 साल तक कहा कि बड़ी मंदी आने वाली है, लेकिन बाजार बढ़ता रहा। आर्थिक मंदी समय-समय पर आती है, लेकिन कब आएगी, इसका सटीक समय किसी को नहीं पता होता। ज्यादातर अनुमान ऐतिहासिक आंकड़ों और संभावनाओं पर आधारित होते हैं, न कि किसी निश्चित जानकारी पर। इसलिए किसी भी एक्सपर्ट की राय पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। कई बार लोगों को अपने प्रोडक्ट, सर्विस बेचने के लिए आकर्षक कहानियां और बड़े दावे किए जाते हैं। निवेशकों को हमेशा ऐसे सलाहकारों और विशेषज्ञों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो संतुलित दृष्टिकोण रखते हों, मौके के साथ धोखे और रिस्क की भी बात करते हों, न कि केवल डर या लालच बेचते हों। दिलचस्प बात ये है कि कई बार जब बाजार में सबसे ज्यादा निराशा होती है और बड़े-बड़े विशेषज्ञ महामंदी या बड़े संकट की चेतावनी देने लगते हैं, तभी बाजार में रिकवरी की शुरुआत भी हो जाती है। इसका मतलब ये नहीं कि सभी विशेषज्ञ गलत होते हैं, बल्कि बाजार का भविष्य किसी के लिए अनुमान लगाना मुश्किल है। ट्रेडिंग से लगातार और लंबे समय तक पैसा कमाना बेहद कठिन काम है। कुछ लोग शॉर्ट टर्म में अच्छा फायदा कमा लेते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वे भविष्य में भी लगातार सफल रहेंगे। Wealth Creation आमतौर पर समय, संयम और अनुशासन मांगता है। अनुभवी निवेशक जानते हैं कि लंबी अवधि का निवेश ही टिकाऊ Wealth बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसलिए दूसरों के अनुभवों से सीखना बहुत जरूरी है। अगर आप दूसरों की गलतियों और सफलताओं से सीख लेते हैं, तो आप समय, पैसा और एनर्जी तीनों बचा सकते हैं। वरना अपने पैसे और समय गंवाने के लिए कौन आपको रोक सकता है। अगर आप Long-Term Wealth Creation की सोच रखते हैं, तो बाजार को हर दिन देखने की जरूरत नहीं है। सोचिए, अगर आपने कोई फ्लैट खरीदा या जमीन खरीदी तो क्या आप रोज उसका बाजार भाव चेक करते हैं? अगर आपने सोने के गहने खरीदे हों तो क्या हर घंटे उनकी कीमत देखते हैं? ज्यादा उछल-कूद करने वालों को ज्यादा चोट लगती है। निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। जरूरत पड़े तो संतुलित सोच रखने वाले और अनुभवी वित्तीय सलाहकार की मदद लें। लेकिन एक बार अच्छी चीज में निवेश करने के बाद उसे समय देना भी उतना ही जरूरी है। किसी भी अच्छे एसेट को अपनी क्षमता दिखाने और बेहतर रिटर्न देने में समय लगता है। #VMS