Post by Svayanyug Publication
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किताबों में किताब है रायगानी (Raigani), आज की धूप में छाँव है रायगानी। हर एक वाक्य में है अनगिनत कहानियाँ, क्या लिखूँ मैं कि कैसी है रायगानी। बस पढ़ते-पढ़ते आ जाता है आँखों में पानी। यह सिर्फ किताब नहीं है, इसमें माँ है, भाई है, बहन है, पिता हैं—पूरा परिवार है। और तो और, पुलिस वाला भी है, कवि भी है, नास्तिक भी है, और भी कई लोग हैं इस रायगानी में। समाज का हर एक कोना, दर्द की तासीर, वतन की मिट्टी—सब कुछ है रायगानी में। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किताबों से प्रेम करते हैं या नहीं, पढ़ना अच्छा लगता है या नहीं। यह किताब बिना कुछ सोचे-समझे पढ़ने वाली किताब है। हाँ, मैं इतना कह सकता हूँ—भले आज आप किसी भी वजह से इस किताब को न पढ़ रहे हों, लेकिन ज़िंदगी में जब कभी इसे पढ़ोगे, तो एक बात का पछतावा ज़रूर होगा कि आखिर आपने यह किताब पहले क्यों नहीं पढ़ी! बेशक, पढ़ना या न पढ़ना आपकी मर्ज़ी है, लेकिन मुझे लगता है कि यह किताब भी कई मर्ज़ की दवा है, जिसे पढ़ते हुए महसूस होता है कि हम ठीक हो रहे हैं। अब इससे बेहतर ट्रीटमेंट और क्या हो सकता है कि सिर्फ़ एक किताब पढ़ने भर से जीवन में कितना कुछ बदलाव आ सकता है। बाकी फैसला आपका है। पूरी दुनिया में मधुसूदन विश्नोई सिर्फ एक ही हैं, और उनकी लिखी किताब रायगानी भी। जैसे पोलियो मुक्त होने के लिए दो बूंद ज़रूरी हैं, उसी तरह बेहतर ज़िंदगी के लिए यह किताब पढ़ना भी बहुत ज़रूरी है। 🖋️"अगर आपकी रूह में रत्ती बराबर भी टीस बाकी है, तो यह पन्ने आपको पुकार रहे हैं।" "एक जश्न—उन तमाम हारों का, जिन्होंने हमें इंसान बनाया।" Link : https://amzn.in/d/0exIZLvQ #Raygani #MadhusudanBishnoi #NewBookLaunch #hindiliterature