Post by Soni Shukla

Attended University of California, Los Angeles

​#जय_हिंद #इंसाफ_की_आवाज़ ✊🔥 ​जब व्यवस्था सो जाए और न्याय की तराजू डगमगाने लगे, तो एक रचनाकार की कलम का मौन रहना अपराध बन जाता है। आज देश की न्याय व्यवस्था, सुस्त प्रशासन और सत्ता के गलियारों को जगाने के लिए मेरी यह क्रांतिकारी चेतावनी... ​✨ रचना: जाग री न्याय व्यवस्था! ✨ ✍️ कवयित्री: सोनी शुक्ला 'क्रांति' (राष्ट्रीय अध्यक्षा - जनहित सर्व समाज सेवा समिति) ​सुनो ओ कुर्सी पर बैठे हाकिम, सुनो ओ न्याय के ठेकेदारों, बंद करो यह बंद कमरों का खेल, अब जन-आक्रोश को निहारो। तराजू थामे बैठी है जो देवी, उसकी आँखों की पट्टी खोलो, बहुत लिख लीं दलीलें कागजों पर, अब सच की भाषा में बोलो! ​सरकारों के झूठे वादों पर अब जनता को ऐतबार नहीं, जो रक्षक ही भक्षक बन जाए, वो हमें स्वीकार नहीं। पुलिस की लाठी और सत्ता की हनक सिर्फ कमजोर पर चलती है? अपराधी जब खुलेआम घूमें, तो कानून की साख बदलती है! ​ऐ जजों! थाम लो न्याय की मशाल, इसे सत्ता की दासी मत होने दो, तारीख पर तारीख देकर, किसी गरीब की उम्मीद को मत रोने दो। जब रसूखदारों के आगे तुम्हारी धाराएं शिथिल हो जाती हैं, तब समझो इस देश की रूह, सरेआम तड़प कर रह जाती है। ​पुलिस प्रशासन! होश में आओ, वर्दी का कुछ मान करो, दबाव की बेड़ियों को तोड़ो, और सिर्फ और सिर्फ इंसाफ करो। अगर वक्त रहते यह सोई हुई न्याय व्यवस्था न जागी, तो याद रखना, इतिहास लिखेगा—हर शोषित यहाँ का था बागी! ​#SonyShuklaKranti #Kavita #SocialJustice #VoiceOfTruth #JanhitSarvSamajSevaSamiti #Lucknow #PoetryOfRevolution #Insaaf

Post content

Video Content