Post by Shivani Verma

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I felt like writing something, so I did. Always follow your heart. 🌻 और अब के वो टूटे तो उसे टूट जाने देना अब के घूम हो तो दूर जाने देना वो अलहड़, वो कोमल, थोड़ी नासमझ सी है जानती नहीं रीति रिवाज़, जीने में जुटी हुई हैं वो इस ज़माने से परे ना उगने वाला सूखा बीज है और अब के उसे सब से दूर जाने देना वो खिले या मुरझाए उसे तुम पानी ना देना आंधी तूफान में उसे खुद लड़ने देना सूरज की रोशनी या बारिश का पानी हो अब के तुम उसे किरण ना देना वो कली का अपना जीवन है खिल जाए तो तोड़ खुशबू ले लेना मुरझा जाए तो मर्ज़ी तुम्हारी कहीं दूर उसे फेक देना। ~ शिवानी #linkedincommunity #linkedinfamily #vanishiwrites

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