Post by Sharda Sinha

Customer Care Associate at Jindal Intellicom Limited

कभी नहीं सोचा था कि घर शिफ्ट करना मेरी ज़िंदगी का सबसे दर्दनाक अनुभव बन जाएगा। 31 मई 2026 को मैंने NoBroker Packers & Movers के माध्यम से अपना सामान दिल्ली से पटना भेजा। एक बड़े और भरोसेमंद ब्रांड पर विश्वास किया था, इसलिए उम्मीद थी कि मेरी वर्षों की मेहनत से खरीदी गई हर चीज़ सुरक्षित मेरे नए घर तक पहुँच जाएगी। लेकिन 5 जून को डिलीवरी के समय मेरे 7 सामान गायब थे। कई दिनों तक लगातार कॉल, ईमेल और फॉलो-अप के बाद 4 सामान कोलकाता से मिले। बाद में पता चला कि 2 सामान धनबाद में पड़े हैं, लेकिन आज 12 जुलाई तक भी मुझे नहीं मिले। एक सामान का तो आज तक कोई पता नहीं है। NoBroker और उनके वेंडर का कहना है कि "सामान खो गया।" करीब ₹40,000 के नुकसान के बदले मुझे केवल ₹14,000 का कंपन्सेशन ऑफर किया गया। लेकिन सबसे ज़्यादा पीड़ा मुझे तब हुई जब, मेरे अनुसार, मेरे केस को संभाल रहे Mr. Muzzamill ने मुझसे कहा: "अगर ₹40,000 के सामान के बदले ₹14,000 का कंपन्सेशन लेना है तो ले लो, नहीं तो न तुम्हें ये पैसे मिलेंगे और न ही तुम्हारा सामान मिलेगा।" एक ग्राहक के रूप में यह मेरे लिए बेहद अपमानजनक और मानसिक रूप से तोड़ देने वाला अनुभव था। पिछले डेढ़ महीने से मैं हर दिन अपने ही सामान का इंतज़ार कर रहा हूँ। यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि मानसिक तनाव, समय की बर्बादी और एक भरोसे के टूटने की कहानी है। मैं यह पोस्ट किसी को बदनाम करने के लिए नहीं लिख रहा। मैं सिर्फ चाहता हूँ कि मेरा बचा हुआ सामान मुझे वापस मिले और मेरे मामले का निष्पक्ष समाधान हो। यदि आप इस पोस्ट को शेयर करेंगे, सही लोगों तक पहुँचाने में मदद करेंगे या NoBroker की वरिष्ठ टीम तक मेरी बात पहुँचाने में सहयोग करेंगे, तो शायद मेरी आवाज़ सुनी जाए। कभी-कभी किसी अनजान व्यक्ति का एक शेयर भी किसी की महीनों की लड़ाई खत्म कर सकता है। NoBroker.com #NoBroker #CustomerExperience #ConsumerRights #PackersAndMovers #Justice #PleaseShare

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