Post by Shahina Shafi

Vardhman Mahaveer Open University (VMOU), Kota में पढ़ाई करते/करती हैं

नोक - झोंक हम हमदौर से हैं, जो वक्त के साथ-साथ चले हैं। मगर वक्त तो भाग रहा है, तुम आलसी, दौड़ते क्यों नहीं? लो आलसी— हम तो न भागेंगे पीछे वक्त के, मगर मान लीजिए यह आप भी, वक्त हमारा ही है, जो चल रहा है। न मारो डींगें बड़ी-बड़ी, आलस दरिद्रता का मूल आधार। जो ले बैठा यह तुमको, तो भइया, कभी तुम उठ न पाओगे, रह जाओगे पछतावे में। थामकर हाथ उन्हीं रूढ़िवादियों का, आप कौन-सा आसमान छू लिए? पाकर सारे जहाँ का धन, कौन-सा मलाल (Regret) है, जो सुनाते नहीं तुम एक पल... " दो विचारधारा के बीच हो रही नोक झोंक अक्सर हम इन्हीं दो विचारों के बीच फंस जाते है और अपने आप को सही और सामने वाले को गलत मानते है । #poetry #nokjhok #genz #contentwriting #writer