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कॉर्पोरेट जिहाद : TCS में पंहुचा मुस्लिम जिहाद, बेटा, बेटी कोई भी नहीं सुरक्षित | Sach Ki Raftar "क्या आप जानते हैं कि जिस ऑफिस को आप सबसे सुरक्षित समझते हैं, वहां धर्मांतरण और शोषण का एक खतरनाक खेल चल रहा था? महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसी खबर आई है जिसने कॉर्पोरेट जगत की नींव हिला दी है। नामी आईटी कंपनी, ऊंचे पद और उनके पीछे छिपा एक 'कट्टरपंथी नेटवर्क'। आज बात करेंगे उस सच की जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे!" नासिक की एक जानी-मानी कंपनी (TCS BPO) में यह खुलासा हुआ है कि वहां काम करने वाले कुछ टीम लीडर्स ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। आरोप है कि ये लोग जूनियर लेवल की हिंदू लड़कियों को टारगेट करते थे। 10 से ज्यादा लड़कियों के साथ यौन शोषण और छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। लड़कियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया ताकि वे अपना धर्म बदल लें। सिर्फ लड़कियां ही नहीं बल्कि हिंदू युवको का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया, उसे नमाज पढ़ने और और बीफ खाने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस को शक है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि एक संगठित नेटवर्क (Organized Network) है जिसे फंडिंग मिल रही थी। महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों ने इसे 'कॉर्पोरेट जिहाद' का नाम दिया है और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की बात कही है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि जब पीड़ितों ने कंपनी के एचआर हेड से शिकायत की, तो उसे यह कहकर टाल दिया गया कि "MNCs में यह सब आम है।" अब पुलिस ने एचआर हेड पर भी मामला दर्ज किया है। "मदरसों से शुरू हुआ यह खेल अब एयरकंडीशन ऑफिसों और टेक कंपनियों तक कैसे पहुँच गया?" "क्या अब हमारी बेटियां अपने वर्कप्लेस पर भी सुरक्षित नहीं हैं?" "जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और मैनेजमेंट आंखें मूंद ले, तो इंसाफ की उम्मीद किससे की जाए?" "नासिक पुलिस ने अब तक 9 एफआईआर दर्ज की हैं और 6 टीम लीडर्स को गिरफ्तार किया गया है। एसआईटी (SIT) का गठन हो चुका है और अंदेशा है कि पीड़ितों की संख्या 50 तक हो सकती है। यह वक्त है जागने का और अपने आस-पास हो रही ऐसी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने का।" अब गंभीर सवाल जो कौम हमेशा अपने आपको को हिन्दुओ का हितेषी बताती है उनके इस जिहाद से कब हिन्दुओ को छुटकारा मिलेगा क्युकी देश में लगातार थूक जिहाद, लव जिहाद , ब्लेड जिहाद, और अब कॉर्पोरेट जिहाद और ना जाने ऐसे कितने जिहाद है जिनकी बलि हिन्दुओ को चढ़ना है। जिहाद के नाम पर हिन्दू बेटियों का शिकार करने वाले लगातार अपने मनसुब्बो में कामयाब हो रहे है और सरकार हमेशा की तरह इनपर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रही है। आखिर कब तक हिन्दू माता पिता अपनी बेटियों को घर से बहार भेजते वक्त ये सोचते रहेंगे की आज हमारी बेटी सही सलामत घर वापस लोट आये। आखिर कब तक हमारी बेटियां जिहाद की बलि चढ़ती रहेंगी। आखिर कब हमारे जेहन से ये डर निकलेगा की हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं है। "आपको क्या लगता है, क्या बड़ी कंपनियों को अपने कर्मचारियों के बैकग्राउंड चेक पर और सख्ती बरतनी चाहिए? कमेंट में अपनी राय दें

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