Post by Rohini Vyawahare
Sanskrit Teacher , Marathi and Hindi Translator, Youtube channel , content creator on Instagram
" जब आप कह नहीं पाते , तब भी शिव सुन लेते हैं | " हमारे जिंदगी मे ऐसे कई सारे पल आतें है जिसमे हम टूट जातें है.. निराशा आ जाती है | क्या करें कुछ समझ नही आता है.. और हम किसी को जवाब देने की इच्छा भी नही रखते.. हम थककर मौन स्वीकार कर लेते है लेकिन मन ही मन उस शक्ति को पुकारते है , अपना दुख बताते रहते है जिसपे हमारी आस्था होती है.. हर एक व्यक्ति की अलग अलग आस्था होती है. जहा से वो हिंमत ना टूटने की शक्ति , जीने की नयी उम्मीद पाता है.. यह आस्था मूर्त स्वरूप चीजों से भी हो सकती है या अमूर्त अदृष्य स्वरूपों पे भी हो सकती है.. और हमे हर एक की आस्था की respect करनी चाहिये क्योकि ये निर्णय संपूर्णतः व्यक्तिगत होता है.. Instagram पे reels देखते देखते मुझे " जब शिव सुनते है " इस किताब की जानकारी मिली.. और मैने ये किताब खरीद ली.. book name - jab shiv sunte hai जब शिव सुनते है. writer - तरन्नुम और रोहित publishers - शब्दकोश प्रकाशन , काशी प्रकाशन किताब भी भाषा अत्य॔त सरल है.. किताब छोटीसी है लेकिन इसके हर एक पन्ने पर आशा की किरण फैली हुई है | यह किताब flipkart और amazon पर उपलब्ध है | यह किताब उन प्रार्थनाओं , टूटे भरोसों और अनकहे दर्द की आवाज है जो सीधे भोलेनाथ तक पहुंच जाती है | यह उन पलों की साथी है जब इंसान थककर चूप हो जाता है और उसी मौन मे महादेव सब सुन लेते है | हर हर महादेव