Post by Ritwik Sharma
graduate from bsc horticulture
PPT में 'Optimization', खेत में 'Confusion': क्या हम वाकई किसान के यार हैं?" आजकल हमारे एग्रिकल्चर में एक नया Fashion चल रहा है—हर बात, हर Meeting और हर Presentation "Phoren Style" में होनी चाहिए। अगर आपने एक बार भी "Optimization," "Synergy," या "Sustainability" नहीं बोला, तो लगता है आपने Meeting में काम ही नहीं किया। लेकिन ज़रा सोचिए, जब हम यही सब 'Angrezi का तड़का' लगाकर अपने किसान भाइयों के सामने जाते हैं, तो उनका क्या हाल होता होगा? Corporate Style का ढोंग हम किसान के खेत में खड़े होकर सीना तानकर समझा रहे होते हैं— "Sir, our digital transformation strategy will optimize your soil health, leading to better ROI." अब बेचारा किसान... वो तो बस ये सोचता है कि ये 'ROI' कोई नई खाद (Fertilizer) है या कोई नई बीमारी जो उसकी फसल खराब करेगी! हमने इतनी बड़ी-बड़ी Terminology का पहाड़ खड़ा कर दिया है कि किसान को लगता है कि हम उसे कोई Tech बेचने नहीं, बल्कि उससे कोई Riddles (पहेलियाँ) पूछने आए हैं। कुछ "So called Corporate" उदाहरण (और उनका असली मतलब):- (1)"We need to leverage our assets to maximize efficiency." किसान का Reaction: "भाई साहब, ये 'assets' और 'efficiency' खेत में डालने वाली चीज़ है क्या? सीधे बताओ कि इससे पानी की बचत होगी या नहीं?" (2)"Our innovative product ecosystem is disruptive." किसान का Reaction: "अरे भाई, खेत में 'disruption' मत करो, फसल बर्बाद हो जाएगी! सीधा बताओ कि कितनी बोरी Urea कम लगेगा?" (3)"Let's align our synergy for value-added output." किसान का Reaction: "लगता है कोई नेता जी आए हैं, बड़े-बड़े वचन दे रहे हैं लेकिन काम की बात एक नहीं बता रहे।" हम क्यों हार रहे हैं? हमने Angrezi को इतनी तवज्जो दे दी है कि हम भूल गए हैं कि किसान को हमारी 'Designation' से नहीं, बल्कि हमारे 'Solution' से मतलब है। जब हम Angrezi झाड़ते हैं, तो किसान को लगता है कि हम 'बड़े लोग' हैं जो उसकी बोली नहीं समझते। और जहाँ 'bhasha' का Gap आया, वहाँ 'bharose' की दीवार गिर जाती है। एक बार सोच कर देखो, क्या हमारी कंपनी का मक़सद सिर्फ PPT बनाना है या किसान की मदद करना? अगर हमने 'Soil testing' को 'मिट्टी की जांच' कहने में अपनी शान घटती हुई समझ ली, तो समझ लो कि हमने अपना बाज़ार का रास्ता खुद बंद कर लिया है। किसान को 'Data' नहीं, 'Dharti' की बात चाहिए। हम Angrezi में 'Success' की Definition लिखते रह जाएंगे और किसान अपना काम अपनी देसी बुद्धि से कर जाएगा। तो फैसला हमें करना है—हमें 'Corporate Star' बनना है या 'Kisan का यार'? #KisanKiBaat #AngreziKaTashan #DesiBhasha #CorporateVsKisan