Post by Rajeev Nayan
Advocate | Political Science | International Relations| Economics | Public Policy & Governance |Multidisciplinary Approach | Writer
"देखो, नदी रुक रही है? नहीं न। जो पानी अभी है, वह अगले पल नहीं है। उसने कितना कुछ अपने अंदर समेटा है, फिर भी आगे बढ़ रही है क्योंकि उसे पता है कि ये सब रास्ते हैं, उसकी आख़िरी मंज़िल तो सागर से मिलना है। Learn From Shipra River, 13/06/2026 Kaichi Dham, Uttrakhand नदी अपनी मंज़िल को पाने के लिए न जाने कितना कुछ झेल रही है। कितने कठिन रास्तों से निकल रही है, न जाने कितने पहाड़ों को काट रही है, कितने पत्थरों को घिस रही है, पर फिर भी आगे बढ़ रही है। परिवर्तन ही इस संसार का एकमात्र स्थायी सत्य है। तुम भी इस बात को समझो। तुम भी एक नदी हो। तुम्हें भी आगे बहते रहना है। नदी भी अगर रुक जाए तो उसका पानी सड़ने लगेगा, उसमें बदबू आने लगेगी और फिर नदी भी अपना सुंदर अस्तित्व खो देगी। रास्ते में बहुत कुछ आएगा। जन्म के दिन से लेकर अंतिम दिन तक लगातार बहते रहने में ही अस्तित्व है। कोई जा रहा है, कोई आ रहा है। सच तो यह है कि इस बहाव में जिसका जितना अस्तित्व है, वह उतना निभा रहा है। पर तुम बहो। पहाड़ों को काटकर आगे बहो, पत्थरों को तोड़कर आगे बहो। बिल्कुल नदी की तरह। जैसे एक रास्ता बंद हो जाए तो दूसरा रास्ता बनाकर आगे बहो। बहते रहने में ही अस्तित्व है, रुक जाने में मिट जाना शामिल है। नदी किसी को दिखाने के लिए नहीं बहती। नदी को किसी को कुछ साबित नहीं करना। नदी का अपना अस्तित्व है। नदी को किसी के अस्तित्व को चुनौती नहीं देनी। बस बह चलो। ज़िंदगी में जो कुछ तुम्हारे पास है, उसका धन्यवाद करो और आगे बढ़ो। जीवन कोई इतना ही थोड़ी है। जब लगे कि चीज़ें फिर से परेशान करने लगी हैं, तो छोड़ दो उन्हें उसी हाल में। जो तुम्हारे लिए उचित होगा, वह अपने आप तुम्हें रास्ते में मिल जाएगा। वैसे भी सब कुछ रास्ता ही तो है। जो मिलेगा, रास्ते में मिलेगा। अंतिम में तो सिर्फ़ तुम ही हो। तुम ही थे और तुम ही रहोगे। जीवन की हर परिस्थिति में यह याद रखो कि सिर्फ़ तुम ही हो, सिर्फ़ तुम ही थे, सिर्फ़ तुम्हें ही रहना है। जो हँस रहा था, वह तुम ही थे। वह तुम्हारा ही चयन था। जो रो रहा था, वह भी तुम ही थे। वह भी तुम्हारा ही चयन था। जो परेशान था, जो उम्मीद खो रहा था, वह भी तुम ही हो। वह भी तुम्हारा ही चयन था। जो जीवन की चरम ऊँचाइयों को छू रहा था, वह भी तुम ही थे। वह भी तुम्हारा ही चयन था। जीवन में जो कुछ है, यह तुम्हारा जीवन है, तो इसमें सिर्फ़ तुम ही हो। इसलिए याद रखो, अंत में तुम ही हो, तुम ही थे, तुम्हें ही रहना है। तो जो कुछ भी अब रास्ते में आए, याद रखना कि वह रास्ते में मिला है। तुम्हारा बहना तय है। तुम्हारा होना निश्चित है। इसके अलावा किसी और चीज़ में तुम नहीं हो। ध्यान देना इस बात पर—जो हँसा वह तुम थे, जो रोया वह तुम थे। बिल्कुल वैसे ही आगे भी जो हँसेगा, वह तुम ही होगे। अपने ही चयन से हँसोगे। इसलिए याद रखो, बार-बार याद रखो—अंत में सिर्फ़ तुम्हें ही होना है। अपने लिए भी और अपनों के लिए भी। पर अपनों में भी तुम ही हो। तुम, जो हँसते हो। तुम्हारे अंदर जो फूल खिलते हैं, वही तुम हो। अपने भी वही हैं जो इन फूलों को सींचते रहेंगे। जब फूल मुरझाएँ, तो समझ लेना कि यह तुम नहीं हो, या जहाँ हो वहाँ अपने नहीं हैं। चलो, बहते रहो। 🌊" #PersonalGrowth #SelfDevelopment #LifeLessons #Mindset #Resilience #GrowthMindset #Leadership #KeepMovingForward
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