Post by Pramod Kamat
Educationist, Filmmaker, Publisher & Founder of Voice of Bharat.
मजबूत संस्थाएँ केवल अपनी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अपनी आत्मसमीक्षा की क्षमता से भी पहचानी जाती हैं। राम मंदिर आंदोलन के बाद मैंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संदर्भ में 21 प्रश्न लिखे हैं। इनका उद्देश्य आलोचना नहीं, बल्कि नेतृत्व, संस्थागत विकास और सार्वजनिक संवाद पर विचार करना है। आदरणीय Mohan Bhagwat जी, आदरणीय Narendra Modi जी और Rashtriya Swayamsevak Sangh से जुड़े सभी विचारशील नागरिकों से आग्रह है कि इसे एक रचनात्मक विमर्श के रूप में देखें। 📖 पूरा लेख: https://lnkd.in/dmUTmmuB #Leadership #InstitutionBuilding #RSS #India #PublicPolicy #VoiceOfBharat #Dialogue