Post by Pooja Prasad
Assistant Editor at Navbharat Times (BCCL) | Writer-Speaker | 24+ Years in Hindi Digital Journalism & Multilingual Storytelling | Ex-NDTV, Network18 & Times Internet.
भारत में इस समय कितनी सिंगल वीमन हैं? 12.6 करोड़ (पिछली जनगणना आंकड़ों के आधार पर किया गया प्रक्षेपण) यानी, जापान की कुल आबादी (123 मिलियन) से भी अधिक! इतनी बढ़ी आबादी होने के बावजूद, आखिर क्या कारण है कि सिंगल वीमन सरकारी नीतियों, चर्चाओं, विमर्शों, कानून, कॉरपोरेट नियमावलियों से लेकर लोक कल्याणकारी योजनाओं से एक रिकग्नाइज्ड वर्ग के तौर पर पूरी तरह से बाहर हैं? Single Woman माने स्वैच्छिक या परिस्थितिजन्य वजहों से अविवाहित महिला, परित्यक्त या तलाक/वैधव्य जैसी परिस्थतियों के चलते सिंगल हुई और जीवनयापन कर रही 20+ उम्र से अधिक की महिला। वह महिला जिसने या तो कभी विवाह किया नहीं या किया, मगर अब विवाह की परिधि से बाहर है और बिना जीवनसाथी रह रही है। नवभारत टाइम्स में प्रकाशित लेख- #NavbharatTimes #Opinion #Journalism #PublicPolicy #Womeninindia