Post by Narendra Kumar Yadav

Civil & Criminal Advocate

अगर FIR हो जाए तो क्या न करें? घबराकर भागने की कोशिश न करें। → इससे मामला और गंभीर हो सकता है। पुलिस या किसी व्यक्ति को झूठी जानकारी न दें। → गलत बयान आपके खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। बिना पढ़े या समझे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें। → पहले पूरी बात समझें या वकील से सलाह लें। हर किसी से केस की जानकारी साझा न करें। → इससे जांच और आपके बचाव पर असर पड़ सकता है। सबूत नष्ट करने या छिपाने की कोशिश न करें। → यह अलग अपराध बन सकता है। पुलिस के सामने बिना कानूनी सलाह के स्वीकारोक्ति (Confession) न करें। → अपने अधिकारों को समझकर ही बयान दें। गवाहों या शिकायतकर्ता को धमकाने या संपर्क करने की कोशिश न करें। → इससे जमानत और केस दोनों प्रभावित हो सकते हैं। पुलिस नोटिस या समन को नज़रअंदाज़ न करें। → समय पर जवाब देना जरूरी है। यह न सोचें कि FIR होने का मतलब आप दोषी हैं। → FIR केवल जांच की शुरुआत है, दोष सिद्ध होना कोर्ट तय करती है। जागरूक रहें सशक्त रहें कानून आपके साथ है। कानून की जानकारी आपका अधिकार है। NARENDRA KUMAR ADVOCATE 6394540033 KRISHNANKUL LEGAL ASSOCIATE & SERVICES Follow on Facebook|Follow on Instagram |Follow on X

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