Post by Ministry of Jal Shakti, Department of Water Resources, RD & GR, Govt. of India
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द्वारका बावड़ी, जिसे लोहरेहड़ी बावड़ी के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली की ऐतिहासिक जलधरोहरों में एक विशेष स्थान रखती है। 16वीं शताब्दी के प्रारंभ में लोदी वंश के सुल्तानों द्वारा लोहरेहड़ी गाँव के निवासियों की जल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इसका निर्माण कराया गया था। लोदीकालीन स्थापत्य कला की उत्कृष्ट मिसाल यह सीढ़ीदार बावड़ी सुदृढ़ पत्थर की चिनाई, सीढ़ियों पर उकेरे गए द्विस्तरीय मेहराबों तथा अंतिम छोर पर स्थित पारंपरिक कुएँ के कारण विशेष पहचान रखती है। #DwarkaBaoli #DelhiHeritage #WaterHeritage #CatchTheRain #JalShakti #StepwellsofIndia #WaterConservation #HeritageConservation #ExploreDelhi #IncredibleIndia
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