Post by Ministry of Jal Shakti, Department of Water Resources, RD & GR, Govt. of India

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मणिकर्णिका घाट आस्था और अनादि परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। मान्यता है कि यहीं माता सती का मणिकर्ण (कर्णाभूषण) पृथ्वी पर गिरा था, जिससे इस दिव्य स्थल का नाम 'मणिकर्णिका' पड़ा। दशाश्वमेध और सिंधिया घाट के मध्य, गंगा तट पर स्थित यह निर्मल घाट सदियों से श्रद्धा, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है। इसका उत्तरी भाग स्वच्छ, सुव्यवस्थित तथा स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए समर्पित है। इस घाट की पहचान केवल इसकी भव्यता में ही नहीं, बल्कि उस अदृश्य आध्यात्मिक अनुभूति में भी है, जो हर आगंतुक के मन को स्पर्श करती है। #भारत_के_निर्मल_घाट #ManikarnikaGhat #Varanasi #UttarPradeshTourism #GangaRiver #HolyGhat #WaterConservation #WaterManagement #WaterConservation #SaveWater #IncredibleIndia

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