Post by Mayank Trivedi
HR & Administration Manager | Payroll | Statutory Compliance | Industrial Relations | Factory HR Operations | Manufacturing & HR Operations | PF, ESIC, Labour Compliance Expert
🚨 रिक्रूटमेंट का सबसे बड़ा मज़ाक – "हमारा बजट नहीं है!" आजकल कुछ कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया देखकर लगता है कि उम्मीदवार का समय बिल्कुल मुफ्त है। एक उम्मीदवार ने हाल ही में अपना अनुभव साझा किया— ✔️ रिज्यूमे शॉर्टलिस्ट हुआ। ✔️ टेलीफोनिक इंटरव्यू हुआ। ✔️ वर्तमान CTC, अपेक्षित CTC और पूरा प्रोफाइल पहले ही साझा कर दिया गया। ✔️ इसके बाद Face-to-Face Interview के लिए बुलाया गया। और अंत में सिर्फ एक लाइन... "Sorry, हमारा बजट नहीं है।" मेरा सवाल है— अगर बजट नहीं था, तो उम्मीदवार को ऑफिस बुलाया ही क्यों गया? क्या बजट इंटरव्यू के बाद पता चला? या फिर उम्मीदवार का समय, यात्रा का खर्च और उसकी मेहनत किसी की प्राथमिकता ही नहीं है? दुर्भाग्य की बात यह है कि कुछ कंपनियाँ Candidate Experience की बात तो करती हैं, लेकिन अपनी भर्ती प्रक्रिया में उसकी कोई झलक दिखाई नहीं देती। एक प्रोफेशनल रिक्रूटमेंट प्रक्रिया का पहला नियम है— अगर Salary Budget और Candidate Expectation मेल नहीं खाते, तो यह बात पहले ही स्पष्ट कर दीजिए। इससे न सिर्फ उम्मीदवार का समय बचेगा, बल्कि कंपनी की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी। याद रखिए... हर असंतुष्ट उम्मीदवार सिर्फ एक रिजेक्टेड कैंडिडेट नहीं होता, बल्कि वह आपकी कंपनी का भविष्य का समीक्षक (Reviewer), संभावित ग्राहक, रेफरल स्रोत या शायद आने वाला क्लाइंट भी हो सकता है। Recruitment केवल Hiring नहीं है। Recruitment आपकी कंपनी की Professional Culture का पहला परिचय है। अगर शुरुआत ही अव्यवस्था, अस्पष्टता और समय की बर्बादी से होगी, तो अच्छे टैलेंट को आकर्षित करना मुश्किल होता जाएगा। क्या आप मानते हैं कि कंपनियों को पहले ही इंटरव्यू स्टेज पर Salary Budget पूरी तरह स्पष्ट कर देना चाहिए? अपने विचार कमेंट में साझा करें। #Recruitment #Hiring #TalentAcquisition #CandidateExperience #HR #Recruiter #Interview #Leadership #EmployerBranding #HiringProcess