Post by Manoj Kumar Singh
National President @ Power In Me Foundation | Rare Diseases।Rural Development।Winner Rare Impact Hackathon। Biotechnologist। Patent Holder। Motivational Speaker। Lifecoach। Author। Publisher
Jab aapne bahuti intezaar kiya ho.. Usk ek ke ane ka.. To chand panktiyan.. शिकवे, शिकायतें होती रहेंगी जस्बातों की नुमाईशें होती रहेंगी दिल को आखिर क्या चाहिए उसपे बातें कब होंगी शर्म! शर्माना होता रहेगा जो दिल मे है वो बताना कब होगा? प्रश्न पर प्रश्न, प्रश्न ही रहेंगे कब भावनाओं को उनका उत्तर मिलेगा? कब सागर की प्यास बुझेगी? नदी की खोज कब पूरी होगी? वो भी कहीं पूरी-सी अधूरी होगी सावन मे भी सूखी होगी धरा-सा मैं व्याकुल प्रेम बूंदों की कब वर्षा होगी? हरि-भरी बागों की चर्चा हम लिखते हैं प्रेम का पर्चा अक्षर-अक्षर मेल हैं करते शब्दों मे तुझको ढूंढा करते मेल मिलाप का मौसम कैसा? बिन तेरे सब बंजर जैसा बन चिंगारी, तू हृदय मे रहती धड़कन-धड़कन मुझे जीवित करती Copyright © Manoj Kumar Singh #mksdilse #lover #hindipoetry #lovepoetry #forher
Video Content