Post by Siddheshwar Shukla

Senior Journalist and Author

मैं न्याय विभाग, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University नई दिल्ली के आदरणीय प्रो. बिष्णुपद महापात्र एवं प्रो. महानंद झा जी के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, MINISTRY OF EDUCATION, GOVERNMENT OF INDIA नई दिल्ली एवं भारत बोध केंद्र,India Habitat Centre New Delhi द्वारा 20–21 जून 2026 को आयोजित “वर्तमान समय में शास्त्रार्थ का अनुप्रयोग” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में आपकी गरिमामयी सहभागिता ने आयोजन को विशिष्ट वैचारिक ऊँचाई प्रदान की। आदरणीय गुरुजी प्रो. सच्चिदानन्द मिश्र, सदस्य सचिव, भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, जी की अध्यक्षता में आयोजित “दर्शन, हिंदू अध्ययन एवं भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) में शास्त्रार्थ का अनुप्रयोग” विषयक सत्र में आप दोनों ने एक प्रमेय पर पारंपरिक शास्त्रार्थ का जीवंत एवं प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। विशेष रूप से, जिस सौहार्दपूर्ण, खेलभावना-युक्त और शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुरूप शैली में यह शास्त्रार्थ संपन्न हुआ, उसने प्रतिभागियों, विशेषकर युवाओं और शोधार्थियों, के समक्ष शास्त्रार्थ की वास्तविक भावना, उसकी पद्धति तथा उसकी बौद्धिक गरिमा को सजीव रूप में प्रस्तुत कर दिया। आप दोनों की विद्वत्ता, तार्किक प्रखरता एवं शास्त्रीय परंपरा के प्रति समर्पण ने this सत्र को संगोष्ठी के सबसे स्मरणीय, प्रेरणादायी और शिक्षाप्रद आयामों में परिवर्तित कर दिया। शास्त्रार्थ की जीवंत परंपरा का ऐसा प्रभावशाली प्रदर्शन सभी प्रतिभागियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। इसके लिए मैं हृदय से आपका आभारी हूँ। सादर प्रणाम एवं धन्यवाद। #शास्त्रार्थ #भारतीयज्ञानपरंपरा #आईसीपीआर #दर्शन #संस्कृत #न्यायशास्त्र #IndianKnowledgeSystems #ShastrArtha #NationalSeminar See less

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