Post by Dr.Sandeep Kumar Sharma
🚩 स्वयंसेवक 🚩।Legal Expert । Academic Researcher। Policy Analyst।Education & Constitutional Reforms। Ex Assistant Professor of Law। Advocate । Legal Consultant। [Ph.D. in Law। LL.M.। UGC NET Qualified (Two times)]
🎓 उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित हो, संविदा व्यवस्था नहीं। उच्च शिक्षा किसी भी राष्ट्र की बौद्धिक शक्ति का आधार होती है। यदि विश्वविद्यालयों में नियमित एवं योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के स्थान पर लगातार संविदा आधारित नियुक्तियों को प्राथमिकता दी जाती है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, अकादमिक स्वतंत्रता तथा विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। यह भी आवश्यक है कि विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, योग्यता-आधारित एवं समान अवसर के सिद्धांत पर आधारित हो। उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल रिक्त पदों की औपचारिक पूर्ति नहीं, बल्कि उत्कृष्ट शिक्षण एवं शोध संस्कृति का निर्माण होना चाहिए। आवश्यक है कि ✅ नियमित शिक्षक भर्ती समयबद्ध रूप से हो। ✅ चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं मेरिट आधारित हो। ✅ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शोध उत्कृष्टता सर्वोच्च प्राथमिकता बने। ✅ सभी अभ्यर्थियों को समान एवं निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित किए जाएँ। मजबूत विश्वविद्यालय ही सशक्त भारत की आधारशिला हैं। डॉ. सन्दीप कुमार शर्मा विधि विशेषज्ञ एवं पूर्व सहायक प्रोफेसर (विधि) बड़ौत (बागपत) Narendra Modi MYogiAdityanath Amit Shah Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) BJP Uttar Pradesh Nitin Nabin Pankaj Chaudhary Shivprakash Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) Bharatiya Shikshan Mandal Vidya Bharati Akhil Bhartiya Shiksha Sansthan Desh Raj Sharma #drsksharmallmnetphd #डॉ_सन्दीप_कुमार_शर्मा #drsandeepkumarsharma #baraut #Baghpat #UPWEST #UttarPradesh #उच्च_शिक्षा #University #HigherEducation #TeacherRecruitment #AcademicExcellence #Research #DrSKSharma