Post by Himanshu Rai

Director at Indian Institute of Management Indore

कभी-कभी मन स्वयं को स्थिर दिखाने का प्रयास करता है, पर शरीर सत्य प्रकट कर देता है। सीज़न 1, एपिसोड 3 में हम अर्जुन के इस अनुभव पर चिंतन करते हैं—"सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति"। जब भीतर का संशय और तनाव शरीर तक पहुँच जाता है, तब गीता हमें एक महत्वपूर्ण शिक्षा देती है: अपनी अवस्था को पहचानो, उससे भागो नहीं। एक प्रश्न पूछिए: क्या मेरा शरीर मुझे कुछ ऐसा बता रहा है, जिसे मेरा अहंकार सुनना नहीं चाहता? YouTube: https://lnkd.in/gtv2KSq6 Spotify: https://lnkd.in/gGfN4tTR #BhagawadGita #LifeLessons #Spirituality

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