Post by Ashutosh Sharma

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मंदिर रामलला का लेकिन 'राज' चंपत का था ? जिसने अपना पूरा जीवन प्रभु श्रीराम के चरणों में और 'रामकाज' में समर्पित कर दिया, जिसने न कभी पद चाहा, न प्रतिष्ठा, आज उसी तपस्वी जीवन पर सवाल उठना वाकई विचलित करता है। इतिहास गवाह है कि प्रभु श्रीराम ने भी जीवनभर परीक्षाएं दीं। जो राम के मार्ग पर चलता है, उसके हिस्से संघर्ष और अग्निपरीक्षाएं आती ही हैं। पर याद रखिए, तपस्या कभी शोर नहीं करती और निर्मलता को किसी प्रमाण की जरूरत नहीं होती। कपट की उम्र बहुत छोटी होती है, लेकिन निष्कपटता और तप का तेज युगों तक चमकता है। हमारी आस्था आरोपों या अफवाहों से डगमगाने वाली नहीं है। सत्य, धर्म और मर्यादा की जीत हमेशा तय है। राम का मार्ग कभी पराजित नहीं हो सकता। राम थे, राम हैं और राम ही रहेंगे। 🏹✨ #jayshreeram #rammandir #rambhakt #faith #truth #sanatandharma #spirituality #positivity #india #trending

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