Post by Aniel Kumar Vyas
Certified Numerologist
ध्यान करते समय बिना किसी कारण आँसू आने लगते हैं? बहुत लोग इसे कमजोरी या भावुकता समझ लेते हैं, लेकिन शास्त्र कुछ और बताते हैं। 📖 नारद पुराण में भक्ति के नौ लक्षण बताए गए हैं, जिनमें एक है — *अश्रु प्रवाह* अर्थात भक्ति में आँसुओं का बहना। 📖 भगवद गीता (6.20–6.23) में श्रीकृष्ण बताते हैं कि जब मन योग में स्थिर होता है, तब साधक इंद्रियों से परे दिव्य सुख का अनुभव करता है। कभी ये आँसू पुराने दर्द के शुद्धिकरण के होते हैं, तो कभी ईश्वर के प्रेम और आनंद की अनुभूति के। यदि ध्यान में आँसू आएँ, तो उन्हें रोकिए मत — उन्हें बहने दीजिए। ✨ ध्यान के आँसू सबसे पवित्र होते हैं। आपके साथ ऐसा अनुभव कभी हुआ है? Comment में अपना अनुभव अवश्य साझा करें। 👇 🙏 Radhe Radhe Follow @Vyas G Numeroguru for Spiritual Wisdom, Numerology & Conscious Living. #VyasGNumeroguru #Meditation #Dhyan #BhagavadGita #SpiritualAwakening
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