Post by Dr. Anju K.

Principal | Education Leader | Student Counsellor | Personality Development & Life Skills Mentor | 26+ Years in Education | CBSE & State Board

एक नई शुरुआत – मेरी पहली पुस्तक "वजूद" आज अपने जीवन की एक विशेष उपलब्धि आप सभी के साथ साझा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मेरी काव्य-पुस्तक "वजूद" प्रकाशित हो चुकी है। यह संग्रह माँ और धरती माँ के अमिट स्पर्श को समर्पित है। इन कविताओं में संवेदना, प्रकृति, ममता, आत्मचिंतन और जीवन के विविध अनुभवों को शब्द देने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक केवल मेरे लेखन का परिणाम नहीं, बल्कि उन भावनाओं और अनुभवों की अभिव्यक्ति है, जिन्होंने मुझे भीतर से समृद्ध किया। मैं अपने परिवार, मित्रों, पाठकों और उन सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ जिन्होंने इस यात्रा में मेरा साथ दिया। यदि आपको कविता और संवेदनशील साहित्य पढ़ना पसंद है, तो "वजूद" अवश्य पढ़ें। आपके विचार और प्रतिक्रिया मेरे लिए अत्यंत मूल्यवान होंगे। 📖 पुस्तक: वजूद ✍️ लेखिका: अंजू किश्तवाल #Author #Poetry #HindiLiterature #BookLaunch #Writing #WomenWriters #Creativity #Vajood #IndianAuthors

Post content