Post by ABESIT

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"तिनका कबहूँ ना निन्दिये, जो पाँवन तर होय । कबहूँ उड़ी आँखिन पड़े, तो पीर घनेरी होय ॥"  कबीर जी का यह अमर संदेश हमें विनम्रता और हर छोटे-बड़े जीव के प्रति सम्मान रखने की सीख देता है। अहंकार को छोड़कर हर इंसान और हर वस्तु के महत्व को समझना ही सच्ची शिक्षा है। आइए, आज के दिन कबीर जी के विचारों को याद करें और समाज में प्रेम और सद्भावना फैलाने का संकल्प लें। 💫 महान समाज सुधारक, कवि और संत कबीरदास जी की जयंती पर ABESIT उन्हें कोटि-कोटि नमन करता है। #KabirJayanti2026 #SantKabir #KabirDas #ABESIT #MotivationalQuotes #HindiDohe #InspirationOfTheDay

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